postal ballot facility : 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग व दिव्यांग दर बैठे डाल सकेंगे वोट

विधानसभा चुनाव में चलने फिरने में अशक्त, शत प्रतिशत विकलांगता वाले दिव्यांगजन और अस्सी साल से अधिक आयु के वृद्धजन घर बैठे मतदान कर सकेंगे। इनके लिए पोस्टल बैलट की व्यवस्था की जाएगी। यही नहीं जो दिव्यांगजन और वृद्धजन मतदान केन्द्र पर वोट डालने आएंगे उन्हें लाइन में नहीं लगना पड़ेगा बल्कि उन्हें अलग से मतदान करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।



केन्द्रीय चुनाव आयोग ने कहा है कि पोलिंग बूथ वार अलग से दिव्यांगजनों की सूची तैयार की जाए। शत प्रतिशत दिव्यांगता वाले दिव्यांगजनों के लिए पोस्टल बैलट की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। पहली नवम्बर से शुरू होने वाले मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में सहयोग व समन्वय के लिए 12 अक्तूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सभी राजनीतिक दलों की बैठक भी बुलाई गई है। यह भी कहा गया है कि उपलब्ध डाटा को बूथ लेबल अधिकारियों से प्रस्तावित घर-घर सर्वे के दौरान सत्यापन कराते हुए सूची में टैगिंग की कार्यवाही की जाए।
 
लखनऊ में 82 हजार पोस्टल बैलट प्रयोग करेंगे

लखनऊ : राजधानी के 82 हजार दिव्यांग व बुजुर्ग (80 वर्ष से अधिक) मतदाता 2022 विधानसभा चुनाव में घर बैठे मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इन्हें मतदान केन्द्र भी नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे असहाय दिव्यांगजन व अति बुजुर्ग को पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान का अधिकार मिलेगा। प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

80 वर्ष से ऊपर के 61 हजार बुजुर्ग मतदाता: राजधानी की नौ विधानसभा सीटों पर 80 से 100 या इससे अधिक आयु के करीब 61 हजार मतदाता दर्ज हैं। यह नया आंकड़ा मतदाताओं द्वारा घोषित आयु के अनुसार है। इनमें से 80 से 89 आयुवर्ग के 51 हजार, 90 से 99 आयुवर्ग के 9353 मतदाता हैं। जबकि उम्र का शतक पार कर चुके 778 मतदाता भी मतदाता सूची में मौजूद हैं।

21 हजार दिव्यांग मतदाता: राजधानी की नौ विधानसभा सीटों में 20882 दिव्यांग मतदाता हैं। इनमें से सबसे अधिक (3610) मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र में हैं।
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