सातवाँ वेतन आयोग : अर्थविद भले ही वेतन आयोग की सिफारिशों की वजह से देश में महंगाई बढ़ने के आसार के साथ जोड़कर देख रहे हो लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली का गणित अलग है | क्लिक कर पढ़िये पूरी खबर, - shasanadesh - up shasanadesh, up govt, up government, cm of up, up official website, salary, pension
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    बुधवार, 29 जून 2016

    सातवाँ वेतन आयोग : अर्थविद भले ही वेतन आयोग की सिफारिशों की वजह से देश में महंगाई बढ़ने के आसार के साथ जोड़कर देख रहे हो लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली का गणित अलग है | क्लिक कर पढ़िये पूरी खबर,

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : अर्थविद भले ही वेतन आयोग की सिफारिशों की वजह से देश में महंगाई बढ़ने के आसार के साथ जोड़कर देख रहे हो लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली का गणित अलग है। वित्त मंत्रलय 7वें वेतन
    आयोग की सिफारिशों के लागू होने को सीधे तौर पर आर्थिक विकास दर से जोड़ कर देख रहा है। इसके लिए अभी वेतन आयोग और कुछ महीनों बाद वस्तु व सेवा शुल्क (जीएसटी) कानून का संयोग आजमाया जाएगा।

     वित्त मंत्रलय का मानना है कि ये दोनों मिलकर तीन से पांच वर्षो तक देश की अर्थव्यवस्था को आठ से दस फीसद की रफ्तार दे सकते हैं।1वैसे वित्त मंत्री अरुण जेटली भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि एक बड़े मध्यम वर्ग के वेतन में भारी वृद्धि से महंगाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन इसमें अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाने वाले तत्व ज्यादा हैं। मसलन, लोगों के पास निवेश के लिए अतिरिक्त राशि होगी और सामान्य मांग बढ़ेगी जो विकास दर को मजबूती देगा। 

    जेटली के मुताबिक बाजार में ज्यादा पैसा आए और इसका महंगाई पर असर न हो ऐसा नहीं हो सकता। हालांकि सरकार को भरोसा है कि इस बार छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद की स्थिति दोहराई नहीं जाएगी। छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट को वर्ष 2006 से लागू किया गया था और उसके बाद कई वर्षो तक महंगाई की दर दहाई में रही थी। 

    एसबीआइ की शोध इकाई की तरफ से जारी रिपोर्ट संभावना जताती है कि महंगाई बढ़ेगी लेकिन उसका असर बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा क्योंकि अर्थव्यवस्था पर आज के फैसले से कई फायदे होंगे। एसबीआइ के मुताबिक बैंकों की जमा राशि ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर है। अब इसमें इजाफा होने के आसार हैं।