मोबाईल ऐप से ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे प्रधान व सेक्रेटरी,डीएम और एसडीएम को भेजे जाएंगे ‘एसएमएस रिव्यु अलर्ट’ - shasanadesh - up shasanadesh, up govt, up government, cm of up, up official website, salary, pension
  • Latest Government Order

    मंगलवार, 8 मार्च 2016

    मोबाईल ऐप से ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे प्रधान व सेक्रेटरी,डीएम और एसडीएम को भेजे जाएंगे ‘एसएमएस रिव्यु अलर्ट’

    ◆पेंशन स्वीकृति में तेजी लाने के लिए समाज कल्याण विभाग का फैसला
    ◆डीएम और एसडीएम को भेजे जाएंगे ‘एसएमएस रिव्यु अलर्ट’
    ◆अगले वित्त वर्ष में और भी ज्यादा ‘आधुनिक’ बनेगा विभाग

    ब्यूरो, लखनऊ। पेंशन योजनाओं में तेजी लाने के लिए समाज कल्याण विभाग जल्द ही एक मोबाइल एप तैयार करवाएगा।

    इसके माध्यम से प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी पेंशन के लिए आए आवेदन पत्रों पर ऑनलाइन अपनी रिपोर्ट लगाएंगे।

    इसके अलावा जिलों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में डीएम और एसडीएम को ‘एसएमएस रिव्यु अलर्ट’ भेजने का फैसला भी किया गया है।

    राज्य सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए वृद्धावस्था, विधवा, समाजवादी और विकलांग पेंशन योजना चला रही है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र में एसडीएम को पेंशन स्वीकृति का अधिकार है।

    लेकिन, देखने में आया है कि दो-दो साल से पेंशन स्वीकृति के लिए दिए गए आवेदनों पर कोई रिपोर्ट ही नहीं लगाई गई है। सबसे ज्यादा दिक्कतें ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही हैं, जहां पात्र होने के बावजूद प्रधान आवेदन पत्रों को अटकाए रहते हैं।

    स्वीकृति या अस्वीकृति की रिपोर्ट लगाने में होने वाली देरी को रोकने के लिए ही समाज कल्याण विभाग ने एक मोबाइल एप तैयार करने का फैसला किया है। चूंकि, अगले वित्त वर्ष से वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन योजना के आवेदन ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। इसलिए ग्राम पंचायत की रिपोर्ट भी एप के जरिए ऑनलाइन लगवाने का फैसला किया गया है।

    पंचायत सेक्रेटरी और प्रधान को एप प अपनी ग्राम पंचायत के आवेदन पत्र दिखेंगे। इस तरह से आवेदनकर्ता की पात्रता की जांच करते हुए वे बहुत ही कम समय में अपनी रिपोर्ट दे पाएंगे, जिसे जिले से लेकर शासन स्तर तक देखा जा सकेगा।

    समाज कल्याण विभाग की ज्यादातर स्कीमें ऑनलाइन होने से शासन स्तर पर इनकी मॉनीटरिंग आसान हो गई है। किसी भी योजना में यह आसानी से पता किया जा सकता है कि संबंधित जिला या तहसील की प्रगति रिपोर्ट क्या है।

    इसलिए इस बारे में सभी जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को संदेश भेजकर अलर्ट किया जाएगा। इस संदेश में यह लिखा होगा कि लक्ष्य के सापेक्ष उनके यहां कितना काम हुआ है।

    साभार : अमर उजाला