इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला ,क्रिमिनल केस होने पर नहीं रोकी जा सकती है पेंशन - shasanadesh - up shasanadesh, up govt, up government, cm of up, up official website, salary, pension
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    शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2016

    इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला ,क्रिमिनल केस होने पर नहीं रोकी जा सकती है पेंशन

    इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि किसी व्यक्ति की आपराधिक मुकदमे में संलिप्तता के आधार पर उसके सेवानिवृत्ति परिलाभों को नहीं रोका जा सकता है। जबतक की उस कर्मचारी द्वारा राजस्व का नुकसान न किया गया हो।

    यदि राजस्व की वसूली संभावित हो तभी सेवानिवृत्ति लाभों को रोका जाना चाहिए अन्यथा नहीं। कोर्ट ने वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद को निर्देश दिया है कि वह एक माह के भीतर याची का प्रत्यावेदन निस्तारित कर सूचित करें।

    इस आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों को अदालत मेें हाजिर होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
    मामला पीएसी वाहिनी बरेली के कमांडेंट अमर सिंह का है। याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी और न्यायमूर्ति राघवेंद्र की खंडपीठ ने सुनवाई की। एकल पीठ ने इस मामले में याची का प्रत्यावेदन निस्तारित करने का आदेश दिया था।

    इसके खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई। कहा गया है कि याची के खिलाफ आपराधिक मुकदमा लंबित है, इस आधार पर उसकी पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान रोक दिया गया है।
    कोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर भुगतान नहीं रोका जा सकता, जबतक कि राजस्व की क्षति का आरोप न हो। पुलिस मुख्यालय को एक माह में भुगतान करने का निर्देश दिया है।