हिंदू महिला संपत्ति मिलते ही हो जाती है पूरी तरह मालकिन, - UP Government Shasanadesh (GO) : शासनादेश उत्तरप्रदेश,Government Order, UPGO
  • Latest Government Order

    रविवार, 8 नवंबर 2015

    हिंदू महिला संपत्ति मिलते ही हो जाती है पूरी तरह मालकिन,

    चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने शनिवार को यह स्पष्ट कर दिया कि जैसे ही कोई संपत्ति किसी हिंदू महिला को दी जाती है वह उसकी पूरी तरह मालकिन हो जाती है, भले ही उसके समझौता विलेख (सेटलमेंट डीड) में प्रतिबंध और सीमाएं तय हों।न्यायमूर्ति एस विमला ने यह फैसला जयलक्ष्मी अम्मल नामकी महिला की अपील खारिज करते हुए दी। अम्मल धर्मराज पिल्लै नामक व्यक्ति की दूसरी पत्नी है।

    उसने कडलूर जिला अदालत द्वारा उसकी पहली पत्‌नी स्वर्णाथम्मल द्वारा संपत्ति बेचने के पक्ष में दिए आदेश के खिलाफ यहअपील की थी।अम्मल का कहना था कि समझौता के तहत जो अधिकार दिया गया था वह पूरा नहीं सीमित था। इसे खारिज करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि समझौता डीड में जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उसे हिंदू उत्तराधिकारी कानून कीधारा 14 के आलोक में देखा गया है। 

    इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि जायदाद पर जो अधिकार दिया गया वह पूर्ण था सीमित नहीं। इसलिए पहली पत्‌नी को संपत्ति बेचने का पूरा अधिकार था और उसने जो बेचा वह वैध है। इसलिए अपील खारिज की जाती है।धर्मराज पिल्लै पिछले 26 साल से स्वर्णाथम्मल के साथ रहा था। उसने जयलक्ष्मी अम्मल के साथ स्वर्णाथम्मल की सहमति से 19 नवंबर 1965 में शादी की थी, क्योंकि दोनोंकी कोई औलाद नहीं थी। 

    उसी समय पिल्लै ने एक समझौता विलेख पर हस्ताक्षर किया था, जिसके अनुसार स्वर्णाथम्मल आजन्म उसकी संपत्ति को भोगेगी और उसके बाद वह संपत्ति उसकी हो जाएगी। इससे पता चलता था कि उसने माना था कि उसकी पहली पत्‌नी पहले मर जाएगी और वह जिंदा रहेगा और वह संपत्ति को भोगेगा। दस्तावेज से लगता है कि उसका छल करने का इरादा था। हिंदू उत्तराधिकारी कानून की धारा 14 में इसी को ध्यान में रखकर संशोधन किया गया है।

    साभार : दैनिक जागरण

    keywords: :#Hindu ,  #woman ,  #absolute owner , #property under Act ,  #HC ,