15000 शिक्षक भर्ती: देरी के सारे रिकार्ड टूटे,बेसिक शिक्षा परिषद ने स्वीकारी हकीकत , 26 से काउन्सलिंग । - shasanadesh - up shasanadesh, up govt, up government, cm of up, up official website, salary, pension
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    रविवार, 11 अक्तूबर 2015

    15000 शिक्षक भर्ती: देरी के सारे रिकार्ड टूटे,बेसिक शिक्षा परिषद ने स्वीकारी हकीकत , 26 से काउन्सलिंग ।

    एनआइसी से परिषद को मिल चुका था आवेदन का सारा रिकॉर्ड 26 अक्टूबर से काउंसिलिंग का जारी कर दिया गया कार्यक्रम
    14 से 19 अक्टूबर : जिला स्तर पर जांच सूची तैयार कर जिला चयन समिति से अनुमोदन होगा
    20 अक्टूबर : बीएसए की ओर से सूचना जारी होगी
    26 अक्टूबर : संबंधित जिले की डायट से प्रशिक्षण पाने वाले और डीएड (विशेष शिक्षा) अभ्यर्थियों को वरीयता व पहले राउंड की काउंसिलिंग
    30 अक्टूबर : पहले राउंड की अनंतिम सूची जिला चयन समिति से अनुमोदित होगी
    दो नवंबर : बीएसए श्रेणीवार बची सीटों का विवरण परिषद को उपलब्ध कराएंगे
    छह नवंबर : दूसरे राउंड की काउंसिलिंग और इसमें दूसरे जिले की डायट से प्रशिक्षण पाने वाले या डीएड वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे
    10 नवंबर : दूसरे राउंड की चयन सूची जारी की जाएगी।
    राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय की कार्यशैली तार-तार हो गई है। परिषद को प्राथमिक विद्यालयों में 15 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती का सारा रिकॉर्ड एक पखवारे पहले ही मिल चुका था। आठ दिन आवेदनों की छानबीन चली और अब काउंसिलिंग 26 अक्टूबर से शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
    हालांकि इसमें दो राउंड की काउंसिलिंग के बाद अनंतिम सूची जारी करने के समय पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि उसी समय दीपावली का अवकाश हो जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया एक साल की देरी से चल रही है।
    पिछले साल दिसंबर 2014 में भर्ती का शासनादेश हुआ था। उसी के बाद से आवेदन लेने का सिलसिला जारी हुआ। उसके बाद से लेकर अब तक तीन बार विभाग ने अलग तारीखों में आवेदन लिए। 15 सितंबर को आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी भी हो गई।
    इसके बाद भी काउंसिलिंग को लेकर अफसरों की हीलाहवाली जारी थी। विभाग लगातार देरी के लिए एनआइसी को दोषी ठहरा रहा था।अफसरों ने यह भी नहीं सोचा जिस तेजी एवं पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं उसी व्यवस्था को वह झुठला रहे हैं।
    क्या यह संभव है कि आवेदन लेने के बाद रिकॉर्ड भेजने में एनआइसी को 25 दिन लगेंगे, जबकि तीसरे चरण में 25 दिन तक तो आवेदन भी नहीं लिए गए। यही नहीं यूपी बोर्ड की परीक्षा एवं कक्षा नौ एवं 11 के पंजीकरण में पचास लाख से अधिक आवेदन लिए जाते हैं
    और विभाग चंद दिन में ही पूरी रिपोर्ट मीडिया को सौंप देता है, वहीं 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में कुल 45 हजार आवेदन हुए हैं फिर भी देरी के सारे रिकॉर्ड टूट गए। परिषद के अफसरों की कार्यशैली एवं टिप्पणियों का ही नतीजा रहा कि बीते छह अक्टूबर को नौकरी मांग रहे युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज हुआ।